अवन्तिका देवी- जहाँ हुआ था रुक्मिणी हरण
भारतीय संस्कृति में प्रत्येक दिन पर्व के रूप में मनाया जाता है जिनमें से चैत्र शुक्ल पक्ष से नवमी तिथि तक तथा आश्विन मास की शुक्ल पक्ष से नवमी तिथि तक नवरात्र पर्व मनाया जाता है। उस दिन दुर्गा देवी का पूजन किया जाता है। भारतवर्ष में देवी के विभिन्न मंदिर बने हुये हैं, जिन पर श्रद्धालुओं की अपार संख्या रहती है। उनमें से ही एक मंदिर है- अवंतिका देवी अवन्तिका गङ्गा घाट जिसके बारे में आज हम जानेंगे। भौगोलिक स्थिति होली पर्व पर शैलेंद्र शर्मा जी यह शक्ति धाम उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद के अनूपशहर तहसील में आहार नामक स्थान पर है। जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर तथा अनूपशहर से 15 किलोमीटर दूर स्थित है। प्रवेश द्वार किवदंती मन्दिर के गर्भगृह के बाहर कहा जाता है कि महाभारत काल में रुक्मिणी जी का हरण इसी स्थान पर किया गया था। रुक्मिणी जी भीष्मक की पुत्री थीं, जिनका भाई शिशुपाल से इनका विवाह करना चाहता था किंतु क्योंकि वह ठीक नहीं था इसलिए रुक्मिणी जी ने ब्राह्मण द्वारा एक पत्र भगवान श्री कृष्ण के लिए भेजा, जिसमें उन्होंने उनसे विवाह के विषय में कहा था अतः...