अलीगढ़ महोत्सव (नुमाइश)--- पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अनोखी प्रदर्शनी
जिला औद्योगिक व कृषि प्रदर्शनी तथा अलीगढ़ नुमाइश के नाम से जानी जाने वाली प्रदर्शनी का पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक अलग स्थान है। प्रदर्शनी का भव्य रूप देखते ही बनता है। नीरज शहरयार पार्क अतीत एक नजर वर्ष 1870 में कलक्टर एल्डरसन ने अश्व प्रदर्शनी लगाकर नुमाइश की नींव रखी। वर्ष 1880 में राजा हरनारायण सिंह जी की प्रेरणा से तत्कालीन कलक्टर मार्शल ने "अलीगढ़ डिस्ट्रिक्ट फेयर"के नाम से शुरुआत हुई । तब यह एक अश्व प्रदर्शनी के रूप में थी। वर्ष 1804 में अलीगढ़ जिला बनने पर अंग्रेज कलक्टर सी०रसल ने पहला दरबार लगाया। वर्ष 1914 में तत्कालीन कलक्टर डब्ल्यू एस मैरिस, जिनके नाम से मैरिस रोड है, ने यहाँ दरबार हॉल बनबाया। वर्ष 1947 में तत्कालीन जिलाधिकारी के०के०दास ने आयोजन कमेटी का गठन किया। वर्ष 1952 में जिलाधिकारी रहे के०सी० मित्तल ने अपने नाम पर मुख्य द्वार बनवाया। वर्ष 1979 में दंगो के कारण पांच साल नुमाइश वीरान रही। वर्ष 1983 में ...