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गोविन्द देव मन्दिर- स्थापत्य कला का अद्भुत प्रतीक

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ब्रज के कण कण में भगवान कृष्ण बसे हुए हैं। आप कृष्ण नगरी मथुरा में किसी भी दिशा में चले जाइये। आपको मन्दिर ही मन्दिर दिखाई देंगे और चारों ओर राधे राधे का  स्वर सुनाई देगा। ऐसा ही एक स्थान है- गोविन्द देव मन्दिर। भौगोलिक स्थिति:-               यह उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा जनपद के वृन्दावन नगर में स्थित है।  गोविंद देव जी का मंदिर सन 1590 (विक्रम संवत 1647) में बना। मन्दिर के शिलालेख से यह पता चलता है कि इस भव्य मंदिर का निर्माण राजा भगवानदास के पुत्र राजा मानसिंह ने बनवाया था, जो आमेर (जयपुर ,राजस्थान) के राजा थे। रूप एवं सनातन नाम के दो गुरुओं की देखरेख में मंदिर का निर्माण हुआ।   एक उद्धरण से मंदिर की भव्यता का अनुमान लगाया जा सकता है, जिसमें कहा गया है कि औरंगजेब ने रात्रि में टहलते हुए दक्षिण पूर्व में दूर से दिखने वाली रोशनी के बारे में पूछा तब उसे पता चला कि यह चमक वृंदावन के वैभवशाली मंदिरों की है। औरंगजेब मंदिर की चमक से परेशान हो गया। आततायी  ने समाधान के लिए तुरंत कार्यवाही के रूप में सेना भेज दी और मंदिर जितना तोड़ा जा सक...