वैष्णो देवी-- भक्तों की आस्था का केन्द्र

  भारतवर्ष में देवी शक्ति की पूजा विभिन्न रूपों में की जाती है। उनमें से एक तो वे महत्वपूर्ण है जहां देवी सती के अंग भंग के बाद पृथ्वी पर गिरे और जहां जहां वे गिरे उन्हें शक्ति पीठ के रूप में पूजा जाता है।

 दूसरे, देवताओं के मिले-जुले तेजपुंज से उत्पन्न शक्ति देवी दुर्गा को पूजा जाता है। अलग-अलग जनमानस में अलग-अलग कथाएं प्रचलित हैं। हम एक अद्भुत आस्था के केंद्र वैष्णो देवी के विषय में जानेंगे।



भौगोलिक स्थिति:-

माता वैष्णो देवी का अद्भुत धाम भारत के जम्मू कश्मीर राज्य में स्थित है। यह स्थान त्रिकुटा पर्वत पर स्थित है। 

माता का भवन 1700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।



यात्रा पर्ची अवश्य लें :-

सबसे पहले आपको यात्रा पर्ची अनिवार्य रूप से ले लेनी चाहिए। अन्यथा आप यात्रा नहीं कर सकेंगे। यात्रा पर्ची कटरा रेलवे स्टेशन व कटरा बस स्टैंड से निःशुल्क दी जाती हैं।

दर्शनी दरवाजा:-

सबसे पहले आप दर्शनी दरवाजा पहुंचेंगे। यह एक आकर्षक विशाल दरवाजा है। यहाँ पराक्रमी भारतीय सेना द्वारा की जा रही निगरानी में आप यात्रा आरम्भ कर सकेंगे। यहाँ क्रम से आपकी तथा साथ ले जाये जा रहे समान की जांच की जाती है। महिला और पुरुषों की अलग अलग पंक्तियां होती हैं।




यात्रा का नया मार्ग- ताराकोट:-

अब यात्रा के लिए एक नवीन मार्ग का निर्माण किया जा चुका है। आप इस नए मार्ग को चुनकर सुगमता से यात्रा पूरी कर सकते हैं। यह नवीन मार्ग आकर्षक बना हुआ है।


 चारों ओर प्राकृतिक सौंदर्य, छोटे छोटे पिकनिक स्पॉट, फव्वारे निश्चित ही आपका मनमोह लेंगे। यह मार्ग दर्शनी दरवाजे से थोड़ा सा आगे बढ़ने पर ही है।


 यह मार्ग आपको अर्धकुमारी तक पहुंचा देता है तथा यात्रा दूरी को भी कम कर देता है।

यात्रा पुराने मार्ग से:-

जैसा की आपको बता चुके हैं कि नया मार्ग अर्धकुमारी तक जाता है लेकिन पुराने मार्ग से जो भी जाना चाहते हैं उनके लिए हम अब इसी मार्ग से यात्रा कराएंगे। दर्शनी दरवाजे से आगे बढ़ने पर सबसे पहले बाणगंगा, चरण पादुका और इसके बाद अर्धकुमारी मन्दिर आता है।



 अर्धकुमारी मन्दिर पर भी श्रद्धालुओं की अपार भीड़ होती है। यहाँ भी मन्दिर में प्रवेश के लिए पर्ची कटानी पड़ती है। ध्यान रखें कि यह पर्ची प्रारंभ में ली गई यात्रा पर्ची से अलग है। कई बार वैष्णो देवी यात्रा करने के बाद भी समयाभाव के कारण यहाँ दर्शन नहीं कर सका हूँ।




हाथी मत्था और सांझी छत:-

अर्धकुमारी से आगे खड़ी व दुर्गम चढ़ाई शुरू हो जाती है किन्तु माता के भक्त जय माता दी जय माता दी बोलते हुए आगे बढ़ते जाते हैं। इसी चढ़ाई को हाथी मत्था कहते हैं। इसके बाद श्रद्धालु सांझी छत पहुँचते हैं। इसी स्थान पर हेलीपैड बना हुआ है। धनवान लोगों के लिए कटरा से ही हेलिकॉप्टरों की भी व्यवस्था है।




पवित्र गुफा में दर्शन:-

पहले पुरानी गुफा में दर्शन होते थे। उसमें प्रवेश मार्ग तंग होने के कारण लेटकर जाना पड़ता था। प्रवेश मार्ग तंग होने के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन के पश्चात वापिस आने में बहुत समय लगता था, जिससे अन्य श्रद्धालुओं को बहुत देर प्रतीक्षा करनी पड़ती थी किन्तु अब नई गुफा में दर्शन होते हैं।


 इस नई गुफा का उद्घाटन डॉ कर्णसिंह ने 20 मार्च, 1977 को किया था। नई गुफा में लोगों को सांस लेने में कोई समस्या नहीं होती और सुगमता से अधिक यात्री दर्शन कर सकते हैं।

भैरों मन्दिर :-
माता के दर्शनों के पश्चात भैरों जी के दर्शन किये जाते हैं।यह भवन से 2.5 किलोमीटर दूर है। यहाँ एक फोटो पॉइंट भी है। यहाँ लंगूर और बन्दर काफी संख्या में हैं। आप लंगूरों के साथ सुगमता से फोटो खिंचवा सकते हैं किंतु बंदरो से सावधान रहने की आवश्यकता है। इस बार जनवरी 2020 में यहाँ मुझे बर्फ देखने को मिली।








श्री रघुनाथ मन्दिर, कटरा:- 

कटरा बस स्टैंड से लगभग500 मीटर की दूरी पर यह सुंदर मन्दिर बना हुआ है। आप इस मन्दिर के दर्शन वैष्णो देवी यात्रा से पूर्व या बाद में भी कर सकते हैं।



 इस मंदिर में राम जी, सीता जी और लक्ष्मण जी के अतिरिक्त माँ दुर्गा, हनुमानजी एवं शिवलिंग के भी दर्शन होते हैं।  स्वामी नित्यानंद जी की समाधि भी बनी हुई है।








प्रसाद:-

माता के प्रसाद के लिए कटरा में तथा यात्रा मार्ग में भी बहुत दुकाने हैं। आप कहीं से भी अपनी सुविधानुसार खरीद सकते हैं। वैसे मेरा सुझाव यही है कि आप श्राइन बोर्ड की दुकानों से ही प्रसाद लें।





जलपान, आवास, पोस्ट ऑफिस, टेलीफोन व्यवस्था एवं पुलिस सहायता भी उपलब्ध है। खाने पीने की दुकानें चौबीस घंटे खुली रहती हैं। 




भवन के पास ही 100 रुपये प्रति कम्बल भी मिलता है तथा जब आप कम्बल वापस करते हैं तो आपके रुपये भी वापस दे दिए जाते हैं। माता के भवन के पास आपको अपना सामान रखने के लिए लॉकर की व्यवस्था भी है, जो कि निःशुल्क है।




यात्रा के बाद कहाँ घूमे?:-

इस यात्रा के बाद आप जम्मू के प्राचीन मंदिर तथा अन्य पर्यटक स्थल जैसे पटनी टॉप, श्रीनगर, शिवखोड़ी आदि स्थानों पर जा सकते हैं।

जम्मू दर्शन के लिए लिंक को कॉपी पेस्ट करके देखें।

https://ghumakkadpathik.blogspot.com/2020/12/blog-post.html


वैष्णो देवी कैसे पहुँचे:--

कटरा देश के सभी  प्रमुख रेलवे स्टेशनों से जुड़ा हुआ है।

यह सड़क मार्ग द्वारा यात्री यहाँ पहुँच सकते हैं।








टिप्पणियाँ

बहुत सुंदर व्याख्यान प्रभु कृपया ऐसे ही जारी रखे और हमारा ज्ञान बढ़ाते रहे।
बहुत बहुत धन्यवाद गुरु जी
Unknown ने कहा…
Jai Mata Di 🙏🙏💐

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