कैंची धाम- शान्ति व प्रकृति का संगम

हनुमान जी के परम भक्त बाबा नीम करौरी महाराज के इस पावन धाम में आप सहज ही शांति व प्रकृति से साक्षात्कार कर सकते हैं। 

बाबा नीम करौली धाम


भौगोलिक स्थिति

यह स्थान उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भवाली के पास स्थित है। नैनीताल से इसकी दूरी 17 किलोमीटर है।






सन 1900(उन्नीस सौ) में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर ग्राम में जन्मे लक्ष्मी नारायण शर्मा हनुमान जी के परम भक्त थे। अध्यात्म क्षेत्र में आने पर उनका नाम नीमकरोरी महाराज हो गया था। जब बाबा  यहां आये तो उन्होंने यहाँ अपनी धूनी रमा ली और वर्ष 1960 के आसपास कैची में शिप्रा नदी के किनारे हनुमान मंदिर की स्थापना की।



यहाँ प्रतिवर्ष 15 जून को विशाल मिला लगता है जिसमें देश विदेश से बाबा के अनुयायी भारी संख्या में पहुँचते हैं।



वर्ष 1974 से 1976 के बीच भारत की आध्यात्मिक यात्रा पर एप्पल कंपनी के संस्थापक स्टीव जॉब्स कैंचीधाम भी पहुंचे थे उन्होंने ही फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग कोई यहाँ आने का परामर्श दिया था।



इसके साथ ही क्रिकेटर विराट कोहली अनुष्का शर्मा सहित देशभर के मंत्री अधिकारी व आमजन मनोकामना लेकर आते हैं।






आसपास दर्शनीय स्थल

नैनीताल से 8 किलोमीटर दूर पहाड़ों के बीच छोटा सा नगर है भवाली। भवाली से कैंची धाम की दूरी 9 किलोमीटर है। भवाली से 5 किलोमीटर दूर श्यामखेत नामक स्थान पर नान्तिन महाराज का आश्रम और चाय बागान है। पास ही घोड़ाखाल नामक जगह है जहां न्याय के देवता गोलू जी महाराज का मंदिर है। यहां एक सैनिक स्कूल भी है जिसने देश को शूरवीर सैन्य अधिकारी दिए। भवाली से 11 किलोमीटर आगे गागर व रामगढ़ क्षेत्र में सेब के बागान के साथ-साथ हिमालय दर्शन भी कर सकते हैं।





अन्य स्थलों में रामगढ़, सात ताल, भीमताल, नौकुचिया ताल आदि रमणीक पर्यटक स्थल हैं जहां पर आप हिमालय दर्शन के साथ ट्रैकिंग पैराग्लाइडिंग वोटिंग आनंद उठा सकते हैं।











कैसे पहुँचे

सबसे पहले आप यदि रेलमार्ग से जा रहे हैं तो निकटतम रेलवे स्टेशन है काठगोदाम। लेकिन मेरा सुझाव है कि आप चाहे रेल से जाएं या बस से आप पहले हल्द्वानी पहुँचे क्योंकि वहाँ से परिवहन साधन सुगमता से मिल जाएंगे।




हल्द्वानी अल्मोड़ा हाइवे पर कैंची धाम स्थित है।


लवर्स पॉइंट पर



मनोज कुमार झा

घुमक्कड़ पथिक


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पटना पक्षी विहार- कलरव करते पक्षियों का बसेरा

कात्यायनी देवी मन्दिर, छतरपुर, दिल्ली- माँ दुर्गा के छठे रूप को समर्पित

कुम्भ महापर्व, प्रयागराज- सर्वसिद्धिप्रद: कुम्भ (2019)