इगलास का मराठा किला-- धरोहर का बुरा हाल
मेरे गृहनगर अलीगढ़ में एक तहसील है- इगलास। कम ही लोग जानते हैं कि यहाँ एक किला बना हुआ है, जिसे मराठों का किला कहा जाता है।
किले ने दिया इगलास को नाम
इस किले का निर्माण ग्वालियर के संस्थापक महादाजी सिन्धिया ने 1762 ईसवी में कराया। उस समय फ़ारसी भाषा का प्रयोग होने के कारण यहाँ जो दरबार लगता था(जिसे फारसी में इजलास कहते थे।)
1802 में अंग्रेजों ने इस किले पर लार्ड लेक के नेतृत्व में अधिकार प्राप्त कर लिया। अंग्रेज इजलास को IGLAS लिखते थे जो हिंदी में इगलास लिखा जाने लगा। इसप्रकार इसका नाम इगलास हो गया।
1857 की क्रान्ति में गहलऊ के वीर अमानी सिंह ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे।
जब मैं इसे देखने पहुंचा तो चारों ओर गन्दगी तथा आसामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा दिखाई दिया।
किले की दीवार दरक रहीं हैं किंतु कोई इस विरासत को बचाये रखने के लिए गम्भीर नहीं हैं।
मराठा काल में न्याय का मन्दिर कहलाने वाला किला आज मौन है, बदहाल है, बेबस है और प्रतीक्षा कर रहा है जीर्णोद्धार की।
मनोज कुमार झा"मनु"
अलीगढ़
उत्तर प्रदेश
भारत
किले ने दिया इगलास को नाम
इस किले का निर्माण ग्वालियर के संस्थापक महादाजी सिन्धिया ने 1762 ईसवी में कराया। उस समय फ़ारसी भाषा का प्रयोग होने के कारण यहाँ जो दरबार लगता था(जिसे फारसी में इजलास कहते थे।)
1802 में अंग्रेजों ने इस किले पर लार्ड लेक के नेतृत्व में अधिकार प्राप्त कर लिया। अंग्रेज इजलास को IGLAS लिखते थे जो हिंदी में इगलास लिखा जाने लगा। इसप्रकार इसका नाम इगलास हो गया।
1857 की क्रान्ति में गहलऊ के वीर अमानी सिंह ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे।
जब मैं इसे देखने पहुंचा तो चारों ओर गन्दगी तथा आसामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा दिखाई दिया।
किले की दीवार दरक रहीं हैं किंतु कोई इस विरासत को बचाये रखने के लिए गम्भीर नहीं हैं।
मराठा काल में न्याय का मन्दिर कहलाने वाला किला आज मौन है, बदहाल है, बेबस है और प्रतीक्षा कर रहा है जीर्णोद्धार की।
मनोज कुमार झा"मनु"
अलीगढ़
उत्तर प्रदेश
भारत











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