शेखाझील पक्षी विहार- आनन्दित करता पक्षियों का कलरव
"चल चले ए दिल करे जब किसी का इन्तजार झील के उस पार" जी हाँ! जब मन करे तब किसी झील के किनारे जाएं और खो जाये प्रकृति की बाहों में।
क्योंकि व्यक्ति शान्ति पाने के लिए तरह तरह के बहाने ढूँढता है लेकिन यदि आप घुमक्कड़ हैं तो आपके पास शान्ति प्राप्त करने के कई मार्ग हैं। आप किले, मन्दिर, झील, संग्रहालय आदि भी देखने जा सकते हैं।
क्योंकि व्यक्ति शान्ति पाने के लिए तरह तरह के बहाने ढूँढता है लेकिन यदि आप घुमक्कड़ हैं तो आपके पास शान्ति प्राप्त करने के कई मार्ग हैं। आप किले, मन्दिर, झील, संग्रहालय आदि भी देखने जा सकते हैं।
ऐसी ही एक झील है- शेखाझील। यह एक प्राकृतिक आवास है।
भौगोलिक स्थिति:-
यह अलीगढ़ जनपद से 17 किलोमीटर दूर पनेठी- जलाली मार्ग पर स्थित है।
रोमांच से भरपूर झील-
यह स्थान जटिल मानसूनी गंगा के मैदानों का जल क्षेत्र है। यह झील तीन ओर से प्राकृतिक वनस्पतियों से घिरी हुई है। झील के आसपास काले सिर वाला खरगोश, नीलगाय, नेवले, गीदड़, जंगली बिल्ली, बन्दर आदि प्रायः दिख जाते हैं।
यहाँ विदेशी पक्षी भी प्रवास के लिए सर्दियों में आते हैं, जैसे- डार्टर, ग्रे हीरोन, आइबिज, कॉमन टील , ब्लाइट आइबिज, कोम्ब डक, वाटर हेन आदि प्रजाति के पक्षियों के कलरव से मन आनन्दित हो उठता है।
झील के किनारे हजारा नहर-
इस झील को जल आपूर्ति भी हजारा नहर के द्वारा ही की जाती है।
कब जाएं-
प्राकृतिक सौंदर्य व शान्ति के क्षण गुजारने के लिए किसी भी महीने में आप जा सकते हैं किन्तु यदि आप पक्षी प्रेमी हैं तो नवम्बर से फरवरी तक जाएं तो बहुत ही उत्तम रहेगा। इस समय आप विदेशी पक्षियों को भी देख सकते हैं।
| प्रकृति की गोद में |
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| झील के मार्ग में मनु |
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| झील का सुन्दर दृश्य |
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| घुमक्कड़ टोली |
मनोज कुमार झा"मनु"
घुमक्कड़ पथिक












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